
अरविंद केजरीवाल अयोध्या दौरा: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण से आहत हुई रामभक्तों की भावनाएं : अनिल झा
दी सलाह-मंदिर में आने वाले चढ़ावे का एक हिस्सा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी हो खर्च
अयोध्या। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पहले गुरुवार को जनपद पहुंचे आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा ने बताया कि अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के साथ रामलला के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर अनिल झा ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चर्चाओं से सनातन हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकरण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावा दोनों में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे का एक हिस्सा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण जल्दबाजी में किया गया और जिस स्तर की भव्यता अपेक्षित थी, वह दिखाई नहीं देती। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या के विकास का लाभ स्थानीय लोगों की बजाय बाहरी लोगों को अधिक मिला, जिसका असर लोकसभा चुनाव परिणामों में भी देखने को मिला। विधायक ने कहा कि आम आदमी पार्टी वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेगी। इसके लिए पार्टी प्रदेशभर में पदयात्राएं और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रम चला रही है।
एसआईटी पर भी उठाया सवाल, बोले-एफआईआर दर्ज कर कराई जाती जांच तो अधिक प्रभावी होते परिणाम
आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर जिससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था जुड़ी है, उसकी जांच के लिए सरकार ऐसे हथियार (एसआईटी) का प्रयोग कर रही है, जिसमें धार ही नहीं है। उनका कहना था कि पहले एफआईआर दर्ज कर जांच कराई जाती तो परिणाम अधिक प्रभावी होते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर अंतर्कलह चल रही है और दिल्ली में बैठे बड़े नेता उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं को राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहते हैं।
महंत राजूदास के बयान पर आप विधायक ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रस्तावित अयोध्या दौरे के बीच रामनगरी में उठ रहे संतों के विरोध के स्वर के बीच उन्होंने कहा कि यहां के साधु संतों के द्वारा जो भी प्रतिक्रिया दी जा रही है, वह न तो अयोध्या की संस्कृति और न ही यहां के संतों के अनुरूप है। उन्होंने महंत राजू दास की ओर से केजरीवाल को कालनेमि की संज्ञा दिए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार संतों के अनुरूप नहीं बल्कि रावणतुल्य है। उनका कहना था कि अयोध्या के वास्तविक संत सनातन धर्म की परंपरा का पालन करते हुए यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हैं।

